जिंदगी आज है कल नहीं मिलेगी ,
दुनिया तो इसी तरह चलेगी ।
बहकावे में न तू किसी के आना ,
तभी तो बहारें खुशियाँ मिलेंगी ।
जमाने महफ़िल शोर है ज्यादा ,
भूलो न कभी तुम अपना वादा ।
जिंदगी भर तो जीना पड़ेगा ,
न बदलो कभी अपना इरादा ।
सारे जहां खुश तो खुशी भी सच्ची ,
खुद की खुशी कभी होती नहीं अच्छी ।
जमाने की रंगत जमाने की दौलत,
मिलती प्रीति एक – सी नहीं सच्ची ।
जीवन में कर लो सोच समझ के वादा ,
टलना उससे कभी नहीं है ।
फिकर न हो सूनी राहें तनिक भी,
कभी मिलकर बिखरना सही नहीं है ।
कर लो विश्वास अपने रब पर जरा सा,
सदा मर्जी अपनी चलती नहीं है ।
रब की इनायत ज़ब होती तुम पर ,
तभी तो तेरी बुद्धि चलती सही है ।
भरोसे के लायक न जिंदगी है किसी की ,
कल क्या होगा कुछ भी पता नहीं है ।
मिलना वही जो नसीबो में लिखा है ,
पहले जिसका अता – पता नहीं है ।
जिओ जिंदगी को ऐसे प्यारे ,
न किसी का तुम पर विश्वास डगमगाए ।
भरोसा न कहीं इस जिंदगी का
तेरा न मन कभी घबराए ।
जो होना होगा वही तो होगा ,
न डरना इसमें कभी नहीं है ।
अपने जो कर सकते हो प्यारे ,
तुम्हारे लिए बस वही सही है ।
अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व प्रधानाध्यापक
उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैंगरा
प्रखंड बंदरा , जिला मुजफ्फरपुर
जिंदगी का सच ..अमरनाथ त्रिवेदी
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