श्रम से हर मंजिल होती आसान,
श्रम से ही तो मानव बनें महान ।
श्रम से जो भी है नाता रखता,
जीवन – पथ पर वह कभी न थकता ।
श्रम से तुम भी अब नाता जोड़ो,
आलसपन की कारा को तोड़ो ।
श्रम से ही तो दुनिया में है हरियाली,
इसकी महिमा है अजब – निराली ।
जिसने भी इसकी महिमा को जाना,
सारी दुनिया उनका लोहा है माना ।
आओ मिलकर हम श्रम करें,
जीवन पथ पर यूँ ही निरंतर बढ़ते रहें।
आशीष अम्बर
शिक्षक
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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