पद्यपंकज Bhakti,Festival मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम-ब्यूटी कुमारी 

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम-ब्यूटी कुमारी 


Beauti kumari

हुआ धन्य अयोध्या नगरी ,

श्री राम लिए अवतार ।

राजा दशरथ हुए निहाल ,

बाजे बधैया चहुंओर।

मुखड़ा चंद्र सामान, 

प्रगट भए श्रीराम ।

करी विनती मात कौशल्या,

प्रभु कीजिए शिशु लीला ।

मात वचन सुनी बाल रूप ,

धर रोदन ठाना भगवाना ।

बड़े भए परिजन सुखदाई,

गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।

श्याम वर्ण तेज पुंज, 

कंधे धनुष सोहे ।

राजा जनक नेवत पठाई,

गुरु वशिष्ठ संग गए द्वि बालक।

शिव धनु तोड़ जानकी पाए ,

राजतिलक सुनी मंथरा दासी।

अपनी कुटिल चाल चलाई ,

कैकेई को वचन याद दिला।

चौदह वर्ष वनवास कराई,

पिता आज्ञा पालन कर ।

वन को गए श्रीराम ,

छल से रावण किया सीता हरण ।

दशानन पर विजय प्राप्त कर ,

अयोध्या आए भगवान। 

गुरु वशिष्ठ किए राज्याभिषेक ,

नगरी हुआ धन-धान्य ।

अपना आदर्श स्थापित कर,

मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए श्रीराम।

                         ब्यूटी कुमारी 

                       प्रधान शिक्षक 

                       दलसिंहसराय, 

                         समस्तीपुर

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply