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नशा मिटाएंगे
नशा एक बुरी आदत है,
इससे होते सब आहत हैं,
सबको इससे मुक्ति मिले,
हम शिक्षकों की यही चाहत है।
इसके लत को जो भी लगाया,
खुद को सबकी नजरों में गिराया,
हम शिक्षक गर हो जाएं जागरूक,
फिर किसी को न पकड़े यह काली साया।
इसने न जाने कितनों को बर्बाद किया,
अपने परिवार को अंधकार भविष्य दिया,
इसके दुष्प्रभाव को गर सब जान जाएं,
फिर सबने अपने परिवार को आबाद किया।
आओ मिलकर साथ चलें,
एक-एक कदम आगे बढ़ें,
हम परिवर्तन लाएंगे,
नशे को जड़ से मिटायेंगे।
मुकेश कुमार

