नव वर्ष .. मो आसिफ़ इक़बाल


ऐ नव वर्ष स्वागत है आओ।
नया सवेरा, नई शाम, नए उम्मीद जगाओ।।

क्या बच्चे ,क्या जवान और क्या बूढ़े,
नए साल की उमंग को न छोड़ते अधूरे।।

नया साल केवल नई तारीख न लाना,
हर घर में थोड़ी सुकून के फूल खिलाना।।

कोई आँख नम कोई दिल उदास न रहे,
मानवता सबसे ऊपर सब पर विश्वास रहे।।

ऐ नव वर्ष स्वागत है आओ।
नया सवेरा,नई शाम, नए उम्मीद जगाओ।।

घड़ी आई है देखो हर्षोल्लास की,
ढेर सारे नए सपने प्रभूत नई आस की।।

बीते कल की यादों को एक मुस्कान दे हम,
ग़म की धूल झार कर ख्वाबों को नया आसमान दें हम।।

हर दिल में उम्मीदों का एक दीप जलाएं,
मिलकर हम सब ये नया साल मनाएं।।

ऐ नव वर्ष स्वागत है आओ,
नया सवेरा,नई शाम,नए उम्मीद जगाओ।।

रचयिता – मोहम्मद आसिफ इकबाल
विशिष्ठ शिक्षक उर्दू
राजकीय बुनियादी विद्यालय उलाव बेगूसराय बिहार।

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