कविता
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,
खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है ।
नया जोश, नया उल्लास छाया है,
खुशियाँ लेकर अपार नववर्ष आया है ।
तोड़कर नफरत भरी सब दीवारें अब,
प्रेम और सद्भाव से जीवन को सवारें ।
जो कुछ भी काम अधूरे रह गए हैं,
संकल्प लेकर हम अब उसे पूर्ण करें ।
जो कोई भी हमसे रूठ गए हैं,
उनको सादर प्रेम पूर्वक मनायें ।
नववर्ष में नये गीत मिलकर हम गाएँ,
खुशी – खुशी हमसब मिलकर नववर्ष मनायें ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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