आओ मिलकर करें विचार पेड़-पौधे क्यों है जरूरी यह जीवों को सांसें देती वृक्ष बादल रोककर वर्षा है कराती जिससे जीवों को मिलता नया जीवन गर्मी, जाड़ा, बाढ़ और सुखाड़…
पराक्रम दिवस
वीर सुभाष चन्द्र हमारे भारत मां के सच्चे लाल सारे जग में नाम है उनका पराक्रमी भारत के लाल अंग्रेजों को धूल चटा दी दिखा दिया पौरूष अपना मां भारती…
मुझे और चढ़ना है गगन में
सपनों की ऊँचाई छूने को, हौसलों का दीप जलाने को, अभी कहाँ ठहरना है पथ में? अभी सफर अधूरा है मन में, मुझे और चढ़ना है गगन में। नहीं डरूंगा…
बेटी अभिशाप नहीं वरदान है
जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के घर खुशहाली बनकर तो किसी के घर लक्ष्मी बनकर आती…
तेरा पिता हूँ मैं
तेरा पिता हूँ मैं तेरी गहरी से गहरी विपत्तियों की थाह हूँ मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में कठिनाईयों के किसी मोड़ में जब तुम निराशापूर्ण धुप से कुम्हला जाओ तो…
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया: कुंडलिया “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”” आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी आन।। यही हमारी आन, सदा गुण ऊर्जा भरिए। रिमझिम सौम्य…
गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।। गुरु उत्सव की पूर्णिमा, लाएँ नव संकल्प, श्रद्धायुत विश्वास का,…
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता की भी अलग जुबानी , बोले समयानुसार कटु मृदु बानी। कटु बानी भी मित्र के भले के होते , इससे मित्र कभी सही दिशा…
कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक
कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें। राय धनपत जुगनुओं को हीं गहा।।०१।। निर्मला सेवासदन ने कुछ…
बाल गीत (सुंदर धूप में)
गीतिका छंद सृष्टि सुंदर धूप में। बाल भोलेनाथ ऐसे, रूप दिखला दें कहीं। धन्य प्राणी मान ले वो,कामना अरु कुछ नहीं।। वेशभूषा से लगा है,नाथ बालक रूप में। क्या गजब…