क्यों नहीं बरसता पानी ? रोज तो घिरते है काले – काले बादल पर नहीं बरसते न आती है आँधी न उड़ते हैं धुल – धक्कड़ न चमकती हैं बिजलियाँ…
वर्षा रानी- आशीष अम्बर
कविता :- वर्षा रानी वर्षा रानी , वर्षा रानी, तुम हो नटखट बड़ी सयानी । कहाँ – कहाँ से तुम लातीं, ढेर – ढेर सा पानी । सूखी – प्यासी…
शब्द भेद की सार्थकता – अमरनाथ त्रिवेदी
शब्द भेद की सार्थकता शब्द में कितनी शक्ति छिपी है , हम इस बात को जरा जानें । एक समय बच्चा को कहें बउआ , उसी बच्चे को फिर …
शब्द भेद को जानें – राम किशोर पाठक
शब्द-भेद को जानें देववाणी सुता है हिंदी। भारत माता की है बिंदी।। आओ इसका रूप निहारे। बहती जिसमें भाव हमारे।। कुछ के सीधे अर्थ समझते। कुछ अटपट सा समझ न…
शब्द भेद की व्यापकता – अमरनाथ त्रिवेदी
शब्द भेद की व्यापकता अक्षर- अक्षर से बनते शब्द , मैं उस शब्द के भेद बताने आया हूँ । उस भेद में रहते कैसे शब्द , जरा मै उसे …
शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद – राम किशोर पाठक
शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद यूँ जो ध्वनियाँ बोली जाती। भावों को अपने बतलाती।। वर्णों से जो निर्मित होती। है शब्द वही तो कहलाती।। शब्दों के है…
पुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदी
पुस्तक है हम सबका साथी पुस्तक है हम सबका साथी , ज्ञान विज्ञान की है यह बाती । नया सवेरा हमें है लाना , पुस्तक से नित ज्ञान है…
मौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठक
मौसम गर्मी वाला आया- चौपाई छंद – बाल कविता बिटिया रानी सुनो कहानी। दुनिया करती है नादानी।। कभी न करना तुम मनमानी। जिससे बढ़े कुछ परेशानी।। मौसम गर्मी वाला आया।…
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल केवल बादल नहीं बरसात भी हो , प्रचंड गर्मी पर आघात भी हो । कुछ हवा चले खूब पानी हो , इसमें हम बच्चों की…
कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
कोयल कोयल भोली भाली है, बोली बहुत निराली है। श्याम सलोनी प्यारी है, धुन तेरी मतवाली है। तेरी बोली सुनने को, मन अधीर हो जाता है। नही सुनूँ जो तुमको…