गिरिजापति भूतेश शिव, आया हूँ दरबार। विनती बारंबार है, करिए बेड़ा पार।। अंतक अक्षय आप हो, उमापति विश्वनाथ। नीलकंठ शिवमय[...]
प्रकृति – रत्ना प्रियाप्रकृति – रत्ना प्रिया
नित्य कर्मरत रहती प्रकृति, तब जग सुंदर हो पाता है। जग में वही सफल हो पाता जिसे परिश्रम भाता है।।[...]
सच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदीसच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदी
रोते को हँसाना सीखें, जग में नाम कमाना सीखें। कभी न झगड़ा झंझट करें, दिल खुशियों से भरा करें। मन से दुख[...]
मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
आधार का वर्ग मान, लंब का भी वर्ग ज्ञान, दोनों के योगफल को, ज्ञात कर लाइए। तीसरी भुजा कर्ण लें,[...]
कबीर फिर ना आना इस देश- अवनीश कुमारकबीर फिर ना आना इस देश- अवनीश कुमार
रंजिशे बढ़ने लगी है अब इस देश में बात-बात में धार्मिक उन्माद का आतंक दिखने लगा है अब इस देश[...]
रूप घनाक्षरी – रामकिशोर पाठकरूप घनाक्षरी – रामकिशोर पाठक
अनुपयोगी का साथ, हानिकारक का हाथ, प्रदूषण कहलाता, बिगड़ जाता है काज। भूमि जल वायु संग, ध्वनि प्रकाश का ढंग,[...]
शिक्षक: ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरवशिक्षक: ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक हैं वो दीप प्रखर, जो तम को हरने आते हैं, ज्ञान-ज्योति से जगमग करके, जीवन पथ दिखलाते हैं। संस्कारों[...]
माँ बिना यह जीवन सूना – सुरेश कुमार गौरवमाँ बिना यह जीवन सूना – सुरेश कुमार गौरव
माँ जग में सबसे महान, दिव्य ममता का है रूप अनोखा। त्याग, प्रेम औ’ स्नेह की गंगा, निर्मल जैसे पावन[...]
देव घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकदेव घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
विज्ञान की बात करें, न्यूटन के साथ करें, जिन्होंने है सिखलाया, नियम ऊर्जा संरक्षण। पृथक निकाय को लें, समय स्थान[...]
गुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरवगुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरव
ज्ञान दीप की ज्योति जलाकर, तम को दूर भगाते हैं, शिक्षा के उजियारे पथ पर, जीवन को सिखलाते हैं। अंधकार[...]
