पढ़ने को नहीं दिल है करता, पर पढ़ना बहुत जरूरी है। सब हैं मुझसे आस लगाए, पर खेलना भी मजबूरी[...]
कलम हमारी ताकत है – सुरेश कुमार गौरवकलम हमारी ताकत है – सुरेश कुमार गौरव
आओ बच्चों स्कूल चलें, ज्ञान की राह बढ़ते चलें। कलम उठाएँ, पुस्तक पढ़ें, सपनों को साकार करें। कलम हमारी[...]
प्रेम वही करता इस जग में- अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम वही करता इस जग में- अमरनाथ त्रिवेदी
प्रेम वही करता इस जग में, जिसे मानवता से यारी है। आचरण है पशुवत जिसका, पृथ्वी पर जीना[...]
दोहावली – रामकिशोर पाठकदोहावली – रामकिशोर पाठक
शुभता मन में राखिए, लेकर प्रभु का नाम। मात-पिता के ही चरण, बसते चारों धाम।। शीश झुकाऍं ईश को,[...]
सदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदीसदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी
सदाचार कुछ बचपन के होते, इसे अपनाकर हम अवगुण खोते। माता-पिता के कुछ सपने होते, उसे पाने पर सब[...]
सदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदीसदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी
सदाचार कुछ बचपन के होते, इसे अपनाकर हम अवगुण खोते। माता-पिता के कुछ सपने होते, उसे पाने पर सब[...]
बदलते गाँव की सूरत – अमरनाथ त्रिवेदीबदलते गाँव की सूरत – अमरनाथ त्रिवेदी
भारत के गाँव अब सूने लगने लगे हैं । धड़ाधड़ दरवाजे पर ताले लटकने लगे हैं।। बच्चों की मस्ती है[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
घटाएँ गरजती हैं, बिजली चमकती हैं, सारा जग दिखता है, दूधिया प्रकाश में। रात में अंधेरा होता, बादलों का डेरा[...]
मेरी गुड़िया रानी बोल- नीतू रानीमेरी गुड़िया रानी बोल- नीतू रानी
मेरी गुड़िया रानी बोल, क्यों की है तुम चप्पल गोल। चप्पल रोज पहनकर आती, गोलाकार में उसे सजाती। गोल चप्पल[...]
सर्दी – रामकिशोर पाठकसर्दी – रामकिशोर पाठक
सर्दी का है मौसम आया घना कोहरा भी है छाया। सुबह-सुबह हीं हम जागें जल्दी से स्कूल हम भागें।[...]
