सच में इस दुनिया में जिया वही , जिसे जाने के बाद भी लोग याद करते हैं। वरना जीते जी [...]
नन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारीनन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारी
नन्हे बच्चे मन के सच्चे लगते हैं वे कितने अच्छे है तोतली उनकी वाणी सदा ही करते हैं मनमानी।[...]
छुआछूत- नीतू रानीछुआछूत- नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]
मानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी
माटी का यह बना खिलौना, एक दिन माटी में मिल जाएगा। कोई नहीं होगा हम सबके संग, केवल धर्म-अधर्म साथ [...]
प्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदीप्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदी
चंदा मामा चंदा मामा, लगते कितने प्यारे हो। अनगिनत तारों के संग तू , लगते शीतल न्यारे हो। तुममें जो[...]
शिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरवशिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरव
शिक्षा है संकल्प हमारा, ज्ञान का दीप जलाना है। अज्ञान तिमिर को हराकर नई राह दिखलाना है। शब्दों का[...]
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
मन में सोच-विचार कर, करिए नव संकल्प। जीवन में सद्भावना, कभी नहीं हो अल्प। दान-पुण्य की भावना, हो जीवन[...]
इंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदी
इंसानियत की शान इंसान की जान पर ही, यह सारा चमन जहान है। इंसानियत के शान पर ही , यह सकल [...]
दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
रखें शिष्य के शीश पर, गुरु आशिष का हाथ। तिमिर सर्वदा दूर हों, पथ आलोकित साथ।। विद्यालय है ज्ञान का,[...]
बीज की चाह- मेराज रजाबीज की चाह- मेराज रजा
दाना हूँ मैं नन्हा-मुन्ना, मिट्टी में हूँ गड़ा-गड़ा! कैसी होगी दुनिया बाहर, सोच रहा हूँ पड़ा-पड़ा! मीठा-मीठा पानी पीकर,[...]
