आओ सब मिल दीप जलाएँ नाचें- गाएँ खुशी मनाएँ। मन के भीतर का अँधियारा, भव भय भ्रम सब दूर[...]
दिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमारदिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमार
इस दिवाली हर तरफ अमन, शांति के फूल खिले। नफरत, ईर्ष्या की दीवार ढहे हर दिल में प्यार के[...]
तमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमारतमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमार
आओ चलो चलें दीप जलाएँ, काले अँधियारे को दूर भगाएँ, संग चलें और घुलमिल जाएँ, तमस मिटा, चलो दीप जलाएँ।[...]
पावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदीपावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदी
पावन शरद ऋतु की बहुत बड़ाई , सबके चित्त नित परम सुहाई । आश्विन, कार्तिक होते अति पावन, दिल को [...]
उम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरवउम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरव
नित मन की अमराईयों में, मन की बातें बोलती हैं, नीरस से सरस जीवन के, मिश्रित पीयूष रस घोलती हैं।[...]
सूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मासूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मा
सूरज बाबा, ओ सूरज बाबा, तुमसे रोशन है जग सारा। सुबह-सवेरे तुम मुस्काओ, धरती को तुम खूब सजाओ। सूरज[...]
दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक
दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]
दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
मिलकर ऐसे दीप सजाएँ, हर कोने के तम को हर लें। सब मिलकर ऐसे दीप जलाएँ, हर खुशियों को [...]
स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’
यह स्लेट है तेरा भविष्य, तेरे संग है किसी का असीस। लग रहा है तुम अबोध नहीं, उन रेखाओं का[...]
मानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदीमानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदी
मानव है वही जो , मानव के काम आए। इंसानियत उसी में, जो शराफत से पेश आए।। खतरे बहुत अधिक[...]
