आओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शीआओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 12:04 pm

  आओ सब मिल दीप जलाएँ नाचें- गाएँ खुशी मनाएँ। मन के भीतर का अँधियारा, भव भय भ्रम सब दूर[...]

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दिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमारदिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमार

0 Comments 11:07 am

  इस दिवाली हर तरफ अमन, शांति के फूल खिले। नफरत, ईर्ष्या की दीवार ढहे हर दिल में प्यार के[...]

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Vivek Kumar

तमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमारतमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमार

0 Comments 9:54 pm

आओ चलो चलें दीप जलाएँ, काले अँधियारे को दूर भगाएँ, संग चलें और घुलमिल जाएँ, तमस मिटा, चलो दीप जलाएँ।[...]

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Amarnath Trivedi

पावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदीपावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:47 am

पावन शरद ऋतु की बहुत बड़ाई , सबके चित्त  नित  परम  सुहाई । आश्विन, कार्तिक होते अति  पावन, दिल  को [...]

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उम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरवउम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:35 am

नित मन की अमराईयों में, मन की बातें बोलती हैं, नीरस से सरस जीवन के, मिश्रित पीयूष रस घोलती हैं।[...]

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Bhola

सूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मासूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मा

0 Comments 11:13 am

  सूरज बाबा, ओ सूरज बाबा, तुमसे रोशन है जग सारा। सुबह-सवेरे तुम मुस्काओ, धरती को तुम खूब सजाओ। सूरज[...]

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ram किशोर

दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:04 am

  दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]

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Amarnath Trivedi

दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:48 pm

मिलकर  ऐसे  दीप   सजाएँ, हर कोने  के  तम  को  हर  लें। सब  मिलकर  ऐसे   दीप जलाएँ, हर  खुशियों  को [...]

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स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’स्लेट है तेरा भविष्य – रामपाल सिंह ‘अनजान’

0 Comments 1:41 pm

यह स्लेट है तेरा भविष्य, तेरे संग है किसी का असीस। लग रहा है तुम अबोध नहीं, उन रेखाओं का[...]

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Amarnath Trivedi

मानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदीमानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:23 pm

मानव  है वही जो , मानव के काम आए। इंसानियत उसी में, जो शराफत से पेश आए।। खतरे बहुत अधिक[...]

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