विधा:-मनहरण घनाक्षरी कानन से वृक्ष कटे, शीत भरी छाया हटे, तप्त हुई वसुंधरा,नीर मत पीजिए। यत्र-तत्र कूडादान, चल पड़ा अभियान,[...]
मेरा अभिमान है पिता – जनेश्वर चौरसियामेरा अभिमान है पिता – जनेश्वर चौरसिया
कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता ……. कभी धरती तो कभी आसमान है पिता …. जन्म दिया है अगर[...]
पिता – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पिता – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
पितृ दिवस पर आज सभी, करते पितृ को याद। पाकर आशीष पितृ से,होते खुश औलाद।। मात-पिता के स्थान का,करता जो[...]
विश्व पितृ दिवस – जैनेन्द्र प्रसाद रविविश्व पितृ दिवस – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
दुनिया के रिश्ते नाते, जन्म से ही बन जाते, पिता की जगह कोई, कभी न ले सकता। देर शाम आते[...]
विवाह वर्षगांठ – मनु कुमारीविवाह वर्षगांठ – मनु कुमारी
मनहरण घनाक्षरी कवित्त छंद अचल सुहाग भाग, ईश्वर आशीष प्राप्त, पिया जी के साथ रहूँ,यही वर मांगती। भरे- पूरे रहें[...]
त्याग – मनु कुमारीत्याग – मनु कुमारी
त्याग प्रेम का मूल है , त्याग प्रेम आधार । त्याग से हीं लगता यहां , खिला – खिला संसार।[...]
बेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारीबेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारी
पापा मेरी एक अभिलाषा, पढ़ -लिखकर मैं बनु महान । आपका नाम रौशन करु जग में, मेरी भी को अलग[...]
पिता – शांति कुमारीपिता – शांति कुमारी
एक उम्मीद है एक आस हैं पिता परिवार की हिम्मत और विश्वास है पिता बाहर से सख्त अंदर से नर्म[...]
कसक किसानों की – एस.के.पूनमकसक किसानों की – एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी (कसक किसानों की) लालिमा के संग जागे, टोकरी उठाए भागे, ढूंढ रहे फलियों में,श्रमदान महानों[...]
बहुत पछताओगे – गौतम भारतीबहुत पछताओगे – गौतम भारती
बड़े चीत्कार से पावन मन कहता कोई रंज नहीं , फिर क्यों ऐसी स्थिति आ गई? जब कोई प्रपंच नहीं[...]
