बेटी के सपने की उड़ान को, अब कमतर कर नही तौलेंगे। बेटी सफलता की उड़ान है, उस पर कीचड़ नही[...]
कब तक हार से डरते रहोगे – गुड़िया कुमारीकब तक हार से डरते रहोगे – गुड़िया कुमारी
कब तक यूँ ऐसे बैठे रहोगे, कब तक हार से डरते रहोगे। कदम आगे बढ़ाना होगा, अगर लक्ष्य को[...]
कहाँ गए वो दिन – अमरनाथ त्रिवेदीकहाँ गए वो दिन – अमरनाथ त्रिवेदी
कहाँ गए वो दिन ? जिसकी दास्तां इतनी करीब थी । थे लोग प्यार में ऐसे पगे , जहाँ हर[...]
सुन री सखी- अवनीश कुमारसुन री सखी- अवनीश कुमार
सुन री सखी! यदि वे मुझसे कह न पाते, लिख कर ही अपनी व्यथा छोड़ तो जाते। विश्वास के बंधन[...]
भगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदीभगवान विश्वकर्मा- अमरनाथ त्रिवेदी
सजी धजी यह धरा सुहानी , कितनी प्यारी लगती है। विश्वकर्मा जी की कृपा मात्र से , यह छटा निराली [...]
मैं हूँ हिंदी- विवेक कुमारमैं हूँ हिंदी- विवेक कुमार
मैं हूँ हिंदी, कहने के लिए, आपकी बिंदी, सर का ताज हूँ, राज-काज का साधन, भाषा की अभिव्यक्ति हूँ, पतंगों[...]
यही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शीयही हमारी हिन्दी है- संजीव प्रियदर्शी
. जिस वाणी में बोल रहा हूँ यही हमारी हिन्दी है। माॅम- डैड संस्कार न अपना, माँ- बाबूजी हिन्दी[...]
मेरी नानी – मनु कुमारीमेरी नानी – मनु कुमारी
कितनी प्यारी मेरी नानी रोज सुनाती हमें कहानी। परीलोक की सैर कराती, बात -बात में हमें हँसाती। मम्मी जब[...]
विधाता छंद – एस. के. पूनमविधाता छंद – एस. के. पूनम
सहज हिंदी सरल भाषा, धरातल भी दिवाना है। कहीं बिंदी कहीं नुक्ता, जमाना भी पुराना है। चलीं कलमें जगी आशा,[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...]
