*माटी के बोली, मन के हिन्दी* मइया के ममता जइसन, मीठ हई हमर बोली, गाँव के गली-गली में, गूँजे रस[...]
Category: बालगीत
बेटी-उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’बेटी-उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’
कर्मठता का प्रतीक बेटी है, बेटी घर की शान। माँ की गृहस्थी में सहयोगिनी, पापा की पगड़ी की शान। एक[...]
देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
बालपन से काल कटकर चाय मीठी कर गया हम कहाँ कितना उठे हैं सोचकर मन भर गया।। नीर बहता रोक[...]
झूला झूलें-रत्ना प्रियाझूला झूलें-रत्ना प्रिया
सावन आया झूला झूलें, धरती से गगन को छू लें, काली बदरी नभ में छाई, रिम-झिम-रिम-झिम वर्षा आई, बच्चे समाते[...]
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]
हँसी के प्रकार-रत्ना प्रियाहँसी के प्रकार-रत्ना प्रिया
आओ देखें यार, हँसी के प्रकार – शिशु के निश्चल हास्य में , ईश्वर का अहसास । कोमल मन की[...]
*चलें स्कूल**चलें स्कूल*
चलें स्कूल हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।। बच्चे हैं हम, सृजन के[...]
उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारीउमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी
उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी बाबूजी कियै करैछी हमर बाल विवाह यौ। उमर हमर नौनिहाल यौ ना।। ई[...]
बचपनबचपन
बचपन ना ही किसी की फिक्र है, ना ही किसी का जिक्र हैं, करते हरदम अपने मन की, यही उमर[...]
मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमारमेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार
माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें[...]
