Ram Kishore Pathak

श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक

0 Comments 6:17 pm

श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:06 am

संसार की माता बन  संतानों को पालती हैं,  सृष्टि की कीमती रत्न, दुनिया में नारी है। घर हो या राजनीति [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

नारी शक्ति – मुन्नी कुमारीनारी शक्ति – मुन्नी कुमारी

0 Comments 9:54 pm

नारी-शक्ति स्व-रचित-कविता नारी की शक्ति अपार, नारी की महिमा अपरम्पार। नारी में गुणों का भंडार, नारी में ममता की बहार।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu Raman Chetna

करूणा की धारा – मनु कुमारीकरूणा की धारा – मनु कुमारी

0 Comments 2:24 pm

ममता की मूरत है वो, करूणा की निर्मल धारा है। मां ,बहन ,पत्नी ,सखी रूप में,रिश्तों की बगिया को संवारा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Madhu

बस इतना देना-मधु कुमारीबस इतना देना-मधु कुमारी

0 Comments 2:21 pm

सृष्टि के निर्माण में  जो साझेदारी कर सकती है  अपना छोड़  जो सबकी हितकारी बन सकती है  जो हंसकर  अपमान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप-राम किशोर पाठकवंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप-राम किशोर पाठक

0 Comments 1:20 pm

वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप। उसके सारे रूप निराले, लगते बड़े अनूप।। धीरज धरती सा रखती हैं,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

नारी एक”कल्पना”- बिंदु अग्रवालनारी एक”कल्पना”- बिंदु अग्रवाल

0 Comments 1:16 pm

हाँ !मैं कल्पना हूँ उस परमपिता परमेश्वर की, जिसने मुझे यह स्वरूप दिया, साथ ही दिया एक कोमल हृदय। सहनशक्ति[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें