घर की ओर लौटता आदमी होता नहीं कभी खाली हाथ हथेलियों की लकीरों संग लौटती हैं अक्सर उसके अभिलाषाएं, उम्मीद,[...]
अबला नहीं तू सबला हो- अमरनाथ त्रिवेदीअबला नहीं तू सबला हो- अमरनाथ त्रिवेदी
हजारों वर्ष घटी पूर्व की घटना, हा! कलियुग में भी जारी है। बहन, भतीजी, माँ ,भांजी की अब भी[...]
दैनिक कार्य – गिरीन्द्र मोहन झादैनिक कार्य – गिरीन्द्र मोहन झा
सूर्योदय से पूर्व जाग उदित सूर्य संग क्रियाशील जीवन का आरंभ करना, पृथ्वी, सूर्य, गुरु और ईश्वर की थोड़ी[...]
हाँ ठीक हूँ मैं – डॉ. स्वराक्षी स्वराहाँ ठीक हूँ मैं – डॉ. स्वराक्षी स्वरा
यदि श्रृंगार के पीछे दर्द छुपा कर जीना ही ठीक होना होता है तो, हाँ, ठीक हूँ मैं। यदि[...]
सड़क सवारी और सुरक्षा – अमरनाथ त्रिवेदीसड़क सवारी और सुरक्षा – अमरनाथ त्रिवेदी
वादा करें अपने दिल से , न कभी गाड़ी तेज चलाएँगे। इससे जान जोखिम में पड़ती, बिना हेलमेट कभी[...]
जीवन मार्ग – सुरेश कुमार गौरवजीवन मार्ग – सुरेश कुमार गौरव
जीवन की ये कटु सच्चाई है कि असफलताओं के बिना प्रगति नहीं। चढ़ते-चढ़ते गिरकर फिर उठना, सँभलकर कदम आगे[...]
वह मासूम-सी कली- मनु रमणवह मासूम-सी कली- मनु रमण
माता- पिता की दुलारी , भाई- बहनों की प्यारी। बड़ी मेहनत से थी वो पढ़ी , सब गुणों से[...]
अविरल – शिल्पीअविरल – शिल्पी
उम्र जो थी चुनने की भविष्य एक वह चुनता रहा कबाड़ बीनता रहा कचरा इतर किसी सुगंध-दुर्गंध के भेद के[...]
गीता ज्ञान- ब्यूटी कुमारीगीता ज्ञान- ब्यूटी कुमारी
रणभूमि में धनुष त्याग रथ के पीछे बैठ गए अर्जुन। भगवान बोले नपुंसकता को त्याग युद्ध के लिए खड़ा हो[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
दिव्य पर्व जन्माष्टमी, प्रकट हुए घनश्याम। गले सुशोभित हार में, लगते हैं अभिराम।। भाद्र पक्ष की अष्टमी, मथुरा कारावास। कृष्ण[...]
