Suresh Kumar gaurav

नव दुर्गा का दिव्य संदेश – सुरेश कुमार गौरवनव दुर्गा का दिव्य संदेश – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:03 pm

“शैलपुत्री” का पहला वंदन-धैर्य संकल्प का दीप जलाओ, अडिग रहो, हिमगिरि सम दृढ़, सच्चे पथ पर कदम बढ़ाओ। “ब्रह्मचारिणी” का[...]

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Amarnath Trivedi

आओ मिल नववर्ष मनायें- अमरनाथ त्रिवेदीआओ मिल नववर्ष मनायें- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:15 pm

आओ सब मिल नव वर्ष मनायें, अपने सपने खूब सजायें। चेतनता का द्योतक है यह, सृजन का उद्घोषक है यह। आज मही[...]

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आया है नववर्ष- शैलेन्द्र भूषणआया है नववर्ष- शैलेन्द्र भूषण

0 Comments 7:23 pm

प्रतिवर्ष है यह आता तन-मन को खूब भाता सृष्टि में फैला अद्भुत यह कैसा सुखद हर्ष आया है नववर्ष। हम[...]

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Suresh Kumar gaurav

नव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरवनव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:03 pm

चैत्र मास आया लेकर नव जीवन का संचार, संवत्सर नव मंगलमय, भर दे उमंग अपार। शुक्ल पक्ष की प्रथम रश्मियाँ[...]

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ram किशोर

नूतन वर्ष – रामकिशोर पाठकनूतन वर्ष – रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:32 pm

लो नूतन वर्ष सनातन का, आज शुरू होने आया। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा यही, प्रथम दिवस है कहलाया। प्रकृति लिए[...]

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इस वर्ष की ईद -संजय कुमारइस वर्ष की ईद -संजय कुमार

0 Comments 8:27 am

बड़ा सुहाना है, मौसम इस माह का चेहरे के भाव बताते हैं खुशियों की रंग खेलते हिन्दू बरसाते फूल मुस्लिम[...]

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ram किशोर

महादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमहादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

काव्य रची अनमोल, सौम्य सरस-सा बोल, छायावादी रस घोल, नारी वंदनीय है। सप्तपर्णा, दीपशिखा, सांध्यगीत, अग्निरेखा, संकल्पिता स्मृति रेखा, यामा[...]

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Suresh Kumar gaurav

अमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरवअमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:20 pm

वीरों की इस भूमि पर, गूँज रही शौर्य हुंकार, शान से बलिदानियों ने, लिखे नये संस्कार। भगत, सुखदेव, राजगुरु, थे[...]

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शौर्य का जयघोष – अवनीश कुमारशौर्य का जयघोष – अवनीश कुमार

0 Comments 10:15 pm

जब भी लगे तुम्हें, विश्वास तुम्हारा डगमगाने लगा है, लेकर आशा की मशाल, दशरथ माँझी-सा आना तुम एक और प्रहार[...]

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ram किशोर

चिपको आंदोलन- रामकिशोर पाठकचिपको आंदोलन- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

अंधाधुंध वन कटने लगे, चलने लगी कुल्हाड़ियाँ। होने लगा विनाश वनों का, थी शहर की तैयारियाँ। राजस्थान जहॉं पहले हीं,[...]

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