बाल-विवाह – रत्ना प्रिया

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो ।   वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल   मत बाँधों मेरे पँखों को, मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो। अभी जरा बचपन है बाकी, मदमस्त पवन सी बहने दो।…

उठो जागो – मनु कुमारी

जब स्वार्थ से ऊपर उठकर जिसने राष्ट्र को जीवन माना, निज-मुक्ति से भी महान, भारत-सेवा को पहचाना। जीवन रहते जिसने, मृत्यु के रहस्य को जान लिया, करोड़ों जन-जीवन के उत्थान…