मनहरण घनाक्षरी श्रीकृष्ण 1:- हे कान्हा सुनो पुकार, हम आए तेरे द्वार, विनती करो स्वीकार, भव पार कीजिए। दे दो आशीष अपार, हो प्यारा यह संसार, तुम हो प्राण आधार,हमें…
ज्ञानदीप-सुरेश कुमार गौरव
📖 “ज्ञानदीप” 📖 ✍️सुरेश कुमार गौरव कर्मों के द्वार बदलते रहे,शिक्षा रुपी फूल खिलते रहे। कभी यहां तो कभी वहां,शिक्षा अभिलाषी मिलते रहे।। कर्त्तव्य-पथ पर कोंपल-किसलय,आगे चल उभरते रहे। इस…
योग अपनाएं रहें सदा तंदुरुस्त-सुरेश कुमार गौरव
“योग अपनाएं रहें सदा तंदुरुस्त” ✍️सुरेश कुमार गौरव रोज करें योग, रहें सदा निरोग, इससे बढ़ाएं सदा अपना मनोयोग। योग विद्या हमारी है प्राचीन पद्धति, इसे करने से काया को…
कबीर दास
कबीर दास जी की जयंती पर याद करते हुए… 🙏 सच से सामना करवाते है। झूठ – अंधविश्वास को आईना दिखाते है। कोई चाकू,बंदूक तलवार नही…
युद्ध नहीं, चाहिए शांतिमार्ग-सुरेश कुमार गौरव
युद्ध नहीं, चाहिए शांतिमार्ग युद्ध विनाश का सदा से रहा है परिचायक, प्रतिफल मिल हिंसा का मार्ग है दुखदायक। भले ही श्री कृष्ण ने युद्ध में साथ दिया हो, गीता…
क्षमा भाव को समझे- धीरज कुमार
है इंसान का जीवन पाया तो… गलती तो सभी से होती है। हम चाहे जितना भी भूल ना हो… पर कही कभी अनजाने में भी गलती होती है।। …
कर दे तू उपकार प्रकृति के साथ-सुरेश कुमार गौरव
कर दे तू उपकार प्रकृति के साथ”(कविता) ✍️सुरेश कुमार गौरव प्रकृति का अनोखा और अनुपम है ये उपहार, पेड़-पौधे,नदी, मैदान, वन-जंगल और पठार। फिर सूर्यताप, मिट्टी, हवा,जलश्रोत देती उर्वरा, तब…
मेरी मां का प्यार
प्रेम वात्सल्य की मिशाल, मेरी मां है सबसे कमाल, मुझे गर्व है कि मैं हूं उनका लाल, ममता की प्रतिमूर्ति है वो बेमिशाल, करुणा बरसाती, अपने ही लाल, नाजों से…
चिराग बन चलता चल
चिराग बन चलता चल जिंदगी की राह में, कदम मिला के चलता चल। गम मिले कि मिले खुशी, तू मुस्कुरा के बढ़ता चल। यह न सोच कि क्या मिला, जो…
आओ मिलकर चलें स्कूल
नन्हें नन्हें कदमों से, चहलकदमी करते हुए, प्रकृति की अनुपम बेला में, भरकर चेहरे पर मुस्कान, सपनों का संग करके ध्यान, साथियों संग एक होकर, सब कुछ जाओ तुम भूल,…