sanjay kumar DEO

विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार

0 Comments 8:25 pm

ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

विद्या-जैनेन्द्र प्रसाद रविविद्या-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:47 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी ‘रवि’ सारे छोड़ काम, थोड़ी देर राम – राम, खाट छोड़ उठ जाएं, सूरज से पहले। शक्कर की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

शीत-एस.के.पूनमशीत-एस.के.पूनम

0 Comments 6:13 pm

छंद:-मनहरण घनाक्षरी “शीत” सघन है काली रात,रौशनी है थोड़ी-थोड़ी, बंद हुआ घर-द्वार,जाड़े का आलम है। सूर्य ढ़का तुहिन से,घूप थोड़ा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vikas kumar

दहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमारदहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमार

0 Comments 8:58 pm

भीड़ भरी इस दुनिया में कूप सन्नाटा पसरा है। जब हवा ही कातिल हुई, फिर किस सांस का आसरा है।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें