शादी के उपरान्त फाग में, मैं पहुँचा प्रथम ससुराल। जूता पतलून थे विदेशी, सिर हिप्पी कट बाल। ससुराल पहुंचते साली[...]
होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद रंगों का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, आपस की बैर भूल, गले मिलें होली में। गली-गली मचा[...]
होली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमारहोली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमार
फागुन की बयार लाए मौसम की फुहार, उदास मन में लाए नवीनता की बहार , सूने चमन में छाए उमंगों[...]
गीत-नीतू रानीगीत-नीतू रानी
विषय-गीत दिन-मंगलवार गे बहिना बिना पिया के कोना के खेलब रंग गे, पिया बसै उत्तराखंड गे ना। ककरा से माॅ॑गब[...]
रंग दो -जयकृष्णा पासवानरंग दो -जयकृष्णा पासवान
*******होली********* रंग दो मुझे रंग दो” प्रेम की बारिश में । दिलों के ख्वाहिश में, कुछ ऐसा रंग भर दो,[...]
होली- मनोज कुमारहोली- मनोज कुमार
🪂होली ना कहीं पे गम है, सम भाव सबरंग है; हरिभजन का दम है, तो ढोल-नाल का बम है। 👻होली[...]
रास छंद- सुधीर कुमाररास छंद- सुधीर कुमार
प्यारे बच्चों , तुम सब मिलकर , अब रहना । इस जीवन में , उत्तम विद्या , ही पढ़ना ।।[...]
फागुन का बयार-जयकृष्णा पासवानफागुन का बयार-जयकृष्णा पासवान
गुलाबी रंग की , परिणाम तो देखो । चारों दिशाओं की , आसमान तो देखो।। इन्द्रधनुष से सजी है, बादलों[...]
शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद सामाजिक रिवाजों से, कट रहे युवा पीढ़ी, शिष्टाचार – व्यवहार, दिखते न वाणी में। सत्य का महल[...]
भोले भंडारी- जैनेन्द्र प्रसाद रविभोले भंडारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी छंद गंगाजल जिन्हें भाता, भूत-प्रेत से है नाता, बेलपत्र पर रीझें, भोले जी भंडारी हैं। इन्द्र चढ़ें एरावत,[...]
