sanjiv

पहली होली-संजीव प्रियदर्शीपहली होली-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:55 pm

शादी के उपरान्त फाग में, मैं पहुँचा प्रथम ससुराल। जूता पतलून थे विदेशी, सिर हिप्पी कट बाल। ससुराल पहुंचते साली[...]

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Jainendra

होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:53 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद रंगों का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, आपस की बैर भूल, गले मिलें होली में। गली-गली मचा[...]

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Vivek kumar

होली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमारहोली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमार

0 Comments 8:51 pm

फागुन की बयार लाए मौसम की फुहार, उदास मन में लाए नवीनता की बहार , सूने चमन में छाए उमंगों[...]

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Jaykrishna

फागुन का बयार-जयकृष्णा पासवानफागुन का बयार-जयकृष्णा पासवान

0 Comments 7:11 pm

गुलाबी रंग की , परिणाम तो देखो । चारों दिशाओं की , आसमान तो देखो।। इन्द्रधनुष से सजी है, बादलों[...]

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Jainendra

शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:07 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सामाजिक रिवाजों से, कट रहे युवा पीढ़ी, शिष्टाचार – व्यवहार, दिखते न वाणी में। सत्य का महल[...]

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Jainendra

भोले भंडारी- जैनेन्द्र प्रसाद रविभोले भंडारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:24 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद गंगाजल जिन्हें भाता, भूत-प्रेत से है नाता, बेलपत्र पर रीझें, भोले जी भंडारी हैं। इन्द्र चढ़ें एरावत,[...]

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