बच्चों की आस हूं, रहता उनके पास हूं, सीखने सिखाने में उस्ताद हूं, हर पल देता उनको दाद हूं, देश[...]
कृमि का दवा खाएँ- नीतू रानीकृमि का दवा खाएँ- नीतू रानी
चलो बच्चो चलो कृमि की दवा खाएँ, कृमि दवा खाकर कृमि दिवस मनाएँ। सुनो बच्चो सुनो कैसे हम दवा खाएँ,[...]
रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रूप घनाक्षरी छंद- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
गुरू को समर्पित बागानों में फल-फूल, खेतों बीच कंद-मूल, सुमन को बसंत में, ‘रवि’ महकाता कौन! सूरज कहां से आता[...]
नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नारी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
समाज की बलि नित्य बनती है औरत, क्या समाप्त हो गई हमें इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा मनु को[...]
पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’पावन होली आई है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
विधा: गीत(१६-१४) आओ स्नेहिल रंग उड़ाओ, पावन होली आई है। बच्चे बूढ़े नर- नारी पर, कैसी मस्ती छाई है।। सुंदर[...]
रंगोत्सव जीवन राग- सुरेश कुमार गौरवरंगोत्सव जीवन राग- सुरेश कुमार गौरव
प्रियवर! रंगोत्सव आई है सुख में भी हंसना दुख को भूल जाना जी भरके जीवन तराने गाना रंगोली बन खुद[...]
नारी शक्ति- जयकृष्णा पासवाननारी शक्ति- जयकृष्णा पासवान
चंडी की अवतार तू अबला, जग है तेरे रखवाले। रुप धारण की आन पड़ी है, अब तेरे किस्मत उजियारे।। “धधक[...]
होली तेरे संग चले -मनोज कुमारहोली तेरे संग चले -मनोज कुमार
होली तेरे संग चले हर एक कली जब बोल उठे, मादक मंजर रस टपके, कोयल कूके तन तरसे, बाग की[...]
चंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरीचंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरी
एक बाल कविता होली आई होली आई, चंचल वन की टोली आई। शेर, जिराफ,लोमड़ी, सियार, सभी को भाया है त्योहार।[...]
गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पूरब में देख लाली, झूमती है डाली डाली, धरती आबाद होती, सूरज किरण से। बसंत बहार देख, फूलों की कतार[...]
