suresh kumar gaurav

मृगतृष्णा- सुरेश कुमार गौरवमृगतृष्णा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:49 pm

जल की लहरों की भांति मिथ्या प्रतीति है यह धरा के उपर भी कड़ी धूप सी लगती है यह। गर्मी[...]

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S K punam

नमन युवा शक्ति विवेकानंद- एस.के.पूनमनमन युवा शक्ति विवेकानंद- एस.के.पूनम

0 Comments 7:41 pm

मनहरण घनाक्षरी(पहचान है) राष्ट्र धरोहर कहूँ, कहूँ चिन्तक साधक, युवा किया अभिमान,दिलाया सम्मान है। नरेंद्र झुकाए शीश, मिला गुरु का[...]

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Sanjay Kumar

युवापराक्रम- संजय कुमारयुवापराक्रम- संजय कुमार

0 Comments 7:15 pm

उठो,जागो और आगे बढ़ो विवेकानंद जी का ये नारा, शून्य की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या कर बनें विश्व की आँखों का तारा।[...]

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Devkant

मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:51 pm

विधा: मनहरण घनाक्षरी राष्ट्र के हैं दिव्य लाल, सौम्य तन उच्च भाल, ज्ञान बुद्धि प्रेम के वे, निर्मल स्वरूप हैं।[...]

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Jaykrishna

मैं सलाम करता हूं- जयकृष्णा पासवानमैं सलाम करता हूं- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 6:49 pm

घर के दहलीज से , बाहर निकल कर । माथे पे जुनून का , पगड़ी पहनकर ।। समाज के ताने[...]

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Jainendra

श्रीराम राज्याभिषेक- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’श्रीराम राज्याभिषेक- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:48 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सफल हों सारे काज, राम होंगे युवराज, राजदरबार संग, हर्षित समाज है। बड़े-बड़े भूप आए, भेंट उपहार[...]

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Sanjay Kumar

मैं हिंदी हूँ-संजय कुमारमैं हिंदी हूँ-संजय कुमार

0 Comments 8:40 pm

मैं हिंदी हूँ भारत माता की ललाट पर देदीप्यमान एक बिंदी हूँ, मैं हिंदी हूँ। भाषाओं की हूँ सिरमौर प्रसार[...]

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Vinay

भारत की बिन्दी-विनय विश्वाभारत की बिन्दी-विनय विश्वा

0 Comments 8:24 pm

मैं हिन्दी हूं जननी जन्मभूमि मातृभाषा हूं खड़ी बोली खड़ी होकर मर्यादित,अविचल‌ आधार हूं मैं भारत की श्रृंगार हूं। इतिहास[...]

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Deepa verma

देश है एक-दीपा वर्मादेश है एक-दीपा वर्मा

0 Comments 8:21 pm

देश है एक, भाषाएँ अनेक। जिसमें हिंदी है एक, मातृ भाषा कहलाती है। देश प्रेम दर्शाती है, अभिव्यक्ति का मुख्य[...]

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