भारत महान हमारा भारत देश महान है, हमें तिरंगे पर अभिमान है। उत्तर में है खड़ा हिमालय, घर-घर मंदिर और शिवालय। तीन ओर से अंक में लेकर, सागर करता गुणगान…
समय-प्रियंका कुमारी
समय समय सबसे कहता, मैं हूं बड़ा बलवान। मुझे कोई पकड़ न पाता, मेरा न कोई अपना पराया होता, लौटकर भी मैं कभी न आता, मैं निरंतर चलते रहता, मेरे…
सफलता का मुकाम-नूतन कुमारी
सफलता का मुकाम परिस्थितियां अनुकूल न हो तो, कुछ पा लेना आसान नहीं, गर मिल जाए जो, आसानी से, है वह कोई बेहतर मुकाम नहीं। लेखा-जोखा सब छोड़ यहाँ, मंजिल…
आओ ये संदेश सुनाएँ-प्रकाश प्रभात
आओ ये संदेश सुनाएँ हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा अपनाएँ, आओ हम मिलकर ईंधन बचाएँ। जैव ईंधन पर निर्भरता कराएँ, आओ स्वच्छ वातावरण बनाएँ। एलपीजी को सशक्त बनाएँ , आओ इसकी…
नदारद-मनोज कुमार पांडेय
नदारद आया दौर फ्लैट कल्चर का, देहरी, आंगन, धूप नदारद। हर छत पर पानी की टंकी, ताल, तलैया, कूप नदारद।। पैकिंग वाले चावल, दालें, डलिया, चलनी, सूप नदारद।। बढ़ीं गाड़ियां,…
आओ ईश्वर का धन्यवाद करें-मधु कुमारी
आओ ईश्वर का धन्यवाद करें आओ ईश्वर का धन्यवाद करें उनका स्नेह पूर्ण गुणगान करें जिसने दिया हमें जीवन अनमोल जिसका नहीं चुका सकते हम मोल। बस एक नेक काम…
हे नूतनवर्ष-मनु कुमारी
हे नूतनवर्ष हे! पावन, मधुरम, मंगलकारिणी नूतनवर्ष, करते हैं हम सभी आपका हृदय से स्वागत। तुम आए हो, सभी के मन में, एक नयी सुबह लेकर। दुखों के बादल को…
स्वच्छता है अच्छी आदतें- नरेश कुमार ‘निराला’
स्वच्छता है अच्छी आदतें आओ प्यारे हम सब मिलकर स्वच्छता पर कुछ काम करें, वातावरण को शुद्ध बनाकर विश्व में भारत का नाम करें। गाँव-गाँव और टोले-मुहल्ले में स्वच्छता का…
अपना गणतंत्र-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
अपना गणतंत्र अपने गणतंत्र का जगत में मिलकर ही मान बढ़ाएँगे। इसकी बगिया में हम नित एक नया प्रसून खिलाएँगे।। अपने गणतंत्र—– गण है तभी सारा तंत्र है। एकता ही…
आओ झण्डा फहराएँ-प्रकाश प्रभात
आओ झण्डा फहराएँ काल के कपाल से, तीर भालों के बौछार से। यूँ ही नहीं मिली आजादी, गाँधी अहिंसा के तलवार से। माँओं की गोद सुनी हुई , कितनी मांग…