मोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमार

मोक्ष की प्रतीक्षा थक जाता जब मानव का तन मन ईश्वर से मोक्ष दिलाने को करता नमन लेकिन आत्मा है उसे पुकारती, उसे धिक्कारती   क्या चलने के पहले कुछ…

प्रकृति-प्रियंका प्रिया

प्रकृति हो व्याकुल मन की; व्यथित क्षुधा तुम, अमृत तुल्य; नीर सुधा तुम।। हे प्रकृति रुपी; ममता मयी, तू सदा रहे कालजयी, तू गोद में लिए अपने खड़ी, हे प्रकृति…

गाँधी को गढ़ना होगा-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

गाँधी को गढ़ना होगा मानवता के मनोभाव को निर्मल से करने के लिए, मधुर जीवन के सरस भाव को अमृतमय करने के लिए, समभाव और सहजयोग में मानव को रचने…

श्री गुरु महिमा-शुकदेव पाठक

श्री गुरु महिमा गुरु आत्मा, गुरु परमात्मा गुरु है ओम्, गुरु ही व्योम गुरु निवारण, गुरु जगतारण गुरु का सम्मान करो, अपना तुम उद्धार करो। गुरु हर्षावत, गुरु दर्शावत गुरु…

रक्षाबंधन-अर्चना गुप्ता

रक्षाबंधन  रक्षाबंधन का त्योहार पावन चिर स्नेहिल रक्षा का बंधन प्रीत से बँधी ये रेशम डोरी भाई को लागे अति सुहावन सावन का ये प्यारा मौसम भाई-बहन के प्रेम का…

रक्षाबंधन-रीना कुमारी

रक्षाबंधन देखो रक्षाबंधन आया। देखो रक्षाबंधन आया।। राखी वाले ने शोर मचाया। राखी ले लो राखी ले लो, सब घर के दरवाजे खटखटाया । देखो रक्षाबंधन आया, देखो रक्षाबंधन आया।…