ऋतुराज बसंत आया आया बसंत आया खुशियों का सौगात लाया। इसकी करो तुम जी भर प्रंशसा ऋतुराज बसंत है ही[...]
हमेशा अच्छा सोचें-अनुज कुमार वर्माहमेशा अच्छा सोचें-अनुज कुमार वर्मा
हमेशा अच्छा सोचें सुन्दर अपनी सृष्टि है, सुन्दर सबकी दृष्टि है। सोच सुन्दर जब हो जाए, सुन्दर सबकुछ नजर आए।[...]
पंछी-अशोक कुमारपंछी-अशोक कुमार
पंछी हम पंछी स्वतंत्र रूप में, बंद पिंजरे में न रह पाएंगे। कभी चहकना कभी फुदकना, गुलामी की दास्तां स्वीकार[...]
प्रकृति की छवि-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवप्रकृति की छवि-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव
प्रकृति की छवि बसाके अपनी आँखो में तेरी अदभुत छटा निहार रही मन उपवन बन पुकार उठी प्रकृति की देख[...]
दिलों को दिलों से जोड़ें-अर्चना गुप्तादिलों को दिलों से जोड़ें-अर्चना गुप्ता
दिलों को दिलों से जोड़ें दिलों से दिलों को जोड़े हम मीत गुनगुना लें मिल एक मधुर संगीत जीवन सरिता[...]
हँसिए और हँसाइए-अपराजिता कुमारीहँसिए और हँसाइए-अपराजिता कुमारी
हँसिए और हँसाइए हर चेहरे की नूर है हँसी कभी चुपके से मुस्कुराती कभी खिलखिला कर हँसती, हँसी जीने की[...]
खुद पर भरोसा-आँचल शरणखुद पर भरोसा-आँचल शरण
खुद पर भरोसा रख खुद पर तू भरोसा जीवन खुद चमक जायेगा। है आसमां में भी न इतनी ताकत जो[...]
पानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठपानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठ
पानी की बर्बादी रोको पानी की बर्बादी रोको बर्बाद करे जो उसको टोको जल स्रोतों को ध्यान से देखो कूड़े[...]
माँ-संयुक्ता कुमारीमाँ-संयुक्ता कुमारी
माँ माँ की स्नेह गाथा मैं क्या खोलूँ । माँ की करुणा पर क्या बोलूँ ।। माँ कैसी भूलूँ वह[...]
बैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभबैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभ
बैठा पंछी एक डाल कर मिला मुझे रास्ते में, बैठा पंछी एक डाल पर। बना रहा था घोसला, तिनका तिनका[...]
