शुभकामना संदेश मध्य विद्यालय दरबे भदौर*प्रखंड पंडारक के प्रधानाध्यापक *भाई रामपाल सिंह अनजान जी का दिनांक ३१,१०,२०२५ को विद्यालय से सफल व निर्विघ्न सेवा समाप्ति के अवसर पर पेश है…
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद हमको, आज दिन बीते हुए।। बैठ चौपालें लगाकर, बात…
दीपक- सत्येन्द्र गोविन्द
दीपक बनकर अँधियारों को हरने वाले शिक्षक हैं हर बच्चे का जीवन रौशन करने वाले शिक्षक हैं वरना तो वंचित रह जाते कितने बच्चे शिक्षा से बच्चों का दामन शिक्षा…
आओ मिलकर दीप जलाएं- आशीष अम्बर
आओ घर – घर दीप जलाएं जाति धर्म सब भूल कर, आओ जलाएं मिलकर एक दीप प्यार का, खुशियों की संसार का, सरल – समरस व्यवहार का, रोशनी के त्योहार…
मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार
माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें बल, गेहूँ, चावल भरें संबल। दाल हमें दे प्रोटीन प्यारा,…
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमार
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता, बच्चों के हैं भाग्य विधाता। बच्चों को देते शिक्षा,संस्कार और अनुशासन का ज्ञान, हम शिक्षक बनाते उनका जीवन मूल्यवान। पढ़-लिखकर ये बच्चे बनेंगे महान, तभी…
लड्डू- रीतु प्रज्ञा
गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू । खाता चार-चार, खाता बार-बार, फिर भी ललचाए, छुप कर वो खाए। गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू। आठ-आठ खाया, दर्द उसे रूलाया। पास मांँ के…
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर- अंजू कुमारी
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर, गाय हमारी पालनहार। देती दूध अमृत के जैसा, भर देती घर में प्यार अपार। गाय हमें देती है गोबर, गोबर से बनती खाद महान। खाद…
शंख नाद करो – डाॅ उषा किरण
उठो तुम! हुंकार भरो! अन्याय का प्रतिकार करो! भेद कर घन तिमिर को, चहुंँओर प्रकाश भरो! छवि तोड़ तुम अबला की, जियो पल-पल अब न मरो! अब तक थीं चूड़ियाँ…
तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा
गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन दौलत की ही चाहत है पैरों के बंधन तोड़ मेरे निर्बन्धता में राहत है चालें तेरी…