माँ सी हिंदी हर बार हमारी अस्मिता की पहचान बनी। जब कभी जुबा फिसली यही हमारा सम्मान बनी। नही सोचती क्या है मानक बस भावों की अभिव्यक्ति हो सहज सरल…
वाह री! हिंदी कहां चली – Sangita kumari
राष्ट्रीय हिंदी दिवस वाह री! हिंदी कहां चली। अपनी ही माटी को छोड़ चली। घर-आंगन में झंकार थी तेरी, गांव-गांव में पुकार थी तेरी। हर घर में तेरी ही निशानियां, …
हिंदी दिवस – रुचिका
कभी इनकार में कभी इकरार में कभी डाँट में कभी फटकार में कभी प्यार में कभी मनुहार में कभी जज़्बातों के ढेरों गुबार में हिंदी हर घड़ी हमारे साथ है।…
ऐसी हो अपनी हिन्दी – Devendra Kumar Choudhary
ऐसी हो अपनी हिन्दी ………………………. ऐसी हो अपनी हिन्दी कि इंसान में इंसानियत बची रहे दादी की कहानियाँ गूगल से भी गहरी सच्चाई बनें ऐसी हो अपनी हिन्दी जैसे बारिश…
आत्मकथा – Mohan Murari
आत्मकथा छिन गई आवाज़ अपनी, कट गई जिह्वा मेरी। वह लेखनी भी साथ नहीं अब, जो लिख सके कुछ बात सही। परिचय की मोहताज़ नहीं मैं, फिर भी अपनी जन्मभूमि…
हिंदी: हमारी अस्मिता की पहचान – Niraj Kumar Sharma
हिंदी: हमारी अस्मिता की पहचान दुनिया को राह दिखलाएं वह भारत की पहचान है हिंदी । देश की आन इससे ही है, भारत की मान बढ़ाये…
हिंदी हमारी शान है – बिंदु अग्रवाल
हिन्दी हमारी शान हैहमारे देश का यह मान है,प्रेम सुधा रस पान करातीभारत का गौरव गान है। हिन्दी बोली बड़ी निराली,कानों में रस घोलती।मैं हूँ हर भाषा से ऊपर,बड़े शान…
हिंदी माथे की बिंदी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१सुगम हमारी हिन्दी,देश के माथे की बिंदी,हिंदी से ही भारत की, होती पहचान है। संस्कृत की बेटी यह-कहलाती मातृभाषा,हिंदी में तो पढ़ना व, लिखना आसान है। करोड़ों…
भाषाः हमारी अस्मिता – Akata Kumari
हिंदी : हमारी अस्मिता की पहचान हिंदी संस्कृत कि आत्मजा, महावीर प्रसाद द्विवेदी और भारतेंदु हरिश्चंद्र के कलम की शान है। हिंदी हिंदुस्तानियों के रगों में दौडता लहू है। हिंदी हमारी पहचान हीं नहीं…
हिंदी- विजय शंकर ठाकुर
हिन्द की पहचान,हिंदी,राष्ट्र का स्वाभिमान,हिंदी,सकल जगत को यह पता है,सभ्यता की शान,हिंदी।राष्ट्रध्वज का मान,हिंदी,प्यार का आह्वान,हिंदी,चहूं दिशा में शोर है यह,अन्याय पर संग्राम,हिंदी।विकास का उदघोष,हिंदी,विश्व प्रगति परितोष,हिंदी,गर सम्भल जो न…