राम मनुज अवतार- सरसी छंद गीत
चैत्र शुक्ल तिथि अति पावन, राम मनुज अवतार।
ब्राह्मण गौ की रक्षा करने, हरने भूतल भार।।
कौशल्या सुत सबके प्यारे, परम ब्रह्म का नाम।
कण-कण वासी धरा विराजे, धरा हुई तब धाम।।
अवधपुरी में जन्म लिए है, दशरथ जी के द्वार।
चैत्र शुक्ल तिथि अति पावन, राम मनुज अवतार।।०१।।
मर्यादा का पाठ पढ़ाने, आए हैं श्री राम।
मुनि मन हारी करने आए, दुष्ट दलन का काम।।
जगत नियंता राम रूप में, सबके तारणहार।
चैत्र शुक्ल तिथि अति पावन, राम मनुज अवतार।।०२।।
असुर निकंदन भव भय भंजन, सबसे सुंदर नाम।
राम नाम को भजते जो भी, उसको प्रभु ले थाम।।
कमल नयन हम भक्तों का भी, कर दो अब उपकार।
चैत्र शुक्ल तिथि अति पावन, राम मनुज अवतार।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

