करावास में जन्मे मुरारी कारी अंधियारी रात में जन्मे थे मुरारी कारावास भी खुल गया और खुल गई …………..बेड़ियाँ सारी…………….. देख कान्हा की सांवली मोहिनी मूरत धन्य हुए वसुदेव संग…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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