Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

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मौसम बहार के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम बहार के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 11:03 pm

दूर रख शिकवे गिले, आपस में मिलें गले, झूमती हैं आनंद में, गांव की ये गलियाँ। चल रही पुरवाई, खिल[...]

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पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:38 am

पत्तियां है हरी-हरी, वृक्ष लगे जैसे परी, पेड़ों में झूमते ये -पुष्प अमलतास के। खुब जब मिले प्यार, हंसता है[...]

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परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:37 am

मनहरण घनाक्षरी छंद (विश्व परिवार दिवस पर) दुख में किनारा देता, जीने का सहारा होता, हरेक गम का साथी, होता[...]

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माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:51 pm

निज कर्म से इंसान, बनाता है पहचान, पिता तो पालक होते, जन्म देती माता है। बच्चों को देती संस्कार, सिखाती[...]

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नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:10 pm

विश्व नर्स दिवस पर विशेष रात दिन जाग कर , एक पैर भाग कर, रोगियों की सेवा करें- बन देवदूत[...]

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लू की कहर से – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’लू की कहर से – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:07 pm

बच्चों तुम स्कूल जाओ चाहे कोई काम पर कभी नहीं खाली पेट, निकलो तूं घर से। सुबह में काम करो[...]

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मित्रता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मित्रता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:54 pm

द्वारिका में मिलने को, सुदामा जी आए जब, चरण पखारें श्याम, पानी ले परात में। मित्र कहो समाचार, पूछा जब[...]

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महात्मा बुद्ध- जैनेन्द्र प्रसाद रविमहात्मा बुद्ध- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:32 am

संसार से नेह तोड़, ईश्वर से नाता जोड़, सिद्धार्थ से बन गए, बुद्ध भगवान हैं। धूप – ताप सहकर, भूखा[...]

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बारिश- जैनेन्द्र प्रसाद रविबारिश- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:07 am

छाई घटा घनघोर, जंगल में नाचे मोर, श्याम धन संग-संग, झूमे आसमान ये। बागों में बहार आई, तितली भी इठलाई,[...]

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सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:30 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद ठंडी-ठंडी हवा चली, मुरझाई कली खिली, देखो नीला आसमान, काला घन चमके। कोयल की सुन शोर, छाई[...]

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