Tag: डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

Dr. Anupama

माँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवमाँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 11:27 am

माँ मुझको अब पढ़ना है माँ मुझको अब पढ़ना है सबसे आगे बढ़ना है, देखा था जो तुमने सपना उसको[...]

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Dr. Anupama

प्रकृति की छवि-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवप्रकृति की छवि-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 6:54 pm

प्रकृति की छवि बसाके अपनी आँखो में तेरी अदभुत छटा निहार रही मन उपवन बन पुकार उठी प्रकृति की देख[...]

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Dr. Anupama

चाचा नेहरू-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवचाचा नेहरू-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 9:21 pm

चाचा नेहरु हम बच्चों के थे एक “चाचा” जिनपर हमें अभिमान था, सच्चे सपूत थे वो भारत के जिनका “पंडित[...]

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Dr. Anupama

अनमोल जिन्दगी-डाॅ अनुपमा श्रीवास्तवअनमोल जिन्दगी-डाॅ अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 5:17 pm

अनमोल जिन्दगी जाए न व्यर्थ जिदंगी यह बड़ा “अनमोल” है, इस धरा पर तेरा नहीं तेरे कर्म का ही “मोल”[...]

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Dr. Anupama

धोते रहना हाथ-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवधोते रहना हाथ-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 11:30 pm

धोते रहना हाथ धोते रहना हाथ “साबुन” से मन का मैल भी धो लेना, अहंकार का अंश खत्म हो साफ[...]

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Dr. Anupama

एक दीया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवएक दीया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 12:38 pm

एक दीया दुनियाँ ने कहा-तू है एक “दीया” तू ही बता तेरी “औकात” क्या? हँसता है तिमिर तुझे देखकर सामने[...]

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Dr. Anupama

राष्ट्रपिता-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवराष्ट्रपिता-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 11:46 am

राष्ट्रपिता धन्य “धरा” हो तेरी धरती एक देश-भक्त ने जन्म लिया कलयुग के “करतार” हो जैसे माँ ने “मोहन” नाम[...]

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Dr. Anupama

घर एक मंदिर-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवघर एक मंदिर-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 4:39 pm

घर एक मंदिर दुनियाँ की नजरो में मौन खड़ा रहता है “घर” भी कुछ कहता है, घर भी खुश होता[...]

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Dr. Anupama

शान है हिंदी-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवशान है हिंदी-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 10:05 am

शान है हिंदी मेरा देश “हिन्द” जुबान है हिंदी सारे वतन की शान है हिंदी शब्द-कोश की सबसे सुन्दर मातृभाषा[...]

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Dr. Anupama

सुन गोरैया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवसुन गोरैया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 9:45 am

सुन गोरैया  सुन “गोरैया”! तेरे जैसी मैं भी एक चिड़ियाँ होती जब जी करता उड़ते-उड़ते सैर जहान का कर आती[...]

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