जीवन मिला हमें जब , जरा रौशनी फैला दें । दूसरों के दर्द को भी , अपने दर्द में मिला लें।। दीपों की रौशनी में, हम अपना दुःख भुला दें।…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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