बचपन तेरी याद आई वो बचपन की बातें थी शरारत भरी राहें नटखट थे हम मनमौजी बारिश में निकलते थे हम साथ दोस्तों के बन फौजी….. मिट्टी…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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