राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी

आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…

बालिका भ्रूणहत्या व्यथा-सुरेश कुमार गौरव

एक विचारणीय प्रश्न क्योंकि बालिका दिवस का मतलब समझना होगा। बालिका भ्रूणहत्या एक गंभीर समस्या है। इस पर रोक के प्रावधान भी हैं। पुरुष-स्त्री लिंगानुपात में असमानताएं देखे जा सकते…