Tag: रूप घनाक्षरी

S K punam

अमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनमअमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनम

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विधा:- रूप घनाक्षरी (अमूल्य इनका मोल) मिला के कदम ताल, कर दिये बुरा हाल, मचा गया हाहाकार,हुई जब कई गोल।[...]

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Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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यहाँ नाग पंचमी में, पूजे जाते नागदेव, शंकर पहनते हैं, बनाकर गले हार। स्वार्थ के हो वशीभूत, मदारी पकड़ते हैं,[...]

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S K punam

ज्ञान चक्षु अब खोल – एस.के.पूनमज्ञान चक्षु अब खोल – एस.के.पूनम

0 Comments 9:33 am

विधा:-रूप घनाक्षरी आनंद की तलाश में, भटकता यहाँ-वहाँ , पर द्वंद साथ लिए,घूम रहा गोल- गोल। चल कर थक गया,[...]

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