हमें नहीं अब युद्ध चाहिए- संजय कुमार

हमे नहीं अब युद्ध चाहिए, नहीं हमे अब युद्ध चाहिए, संघर्ष नहीं विराम चाहिए। सत्य अहिंसा विश्व बंधुता करुणा मित्र और प्यार चाहिए। नहीं और अब युद्ध चाहिए। अहं और…

काश वो बचपन लौट आए -संजय कुमार

काश,वो बचपन लौट आये, वो बचपन की भोली शरारत। वो बादलों को छूने की चाहत, तितलियों के पीछे भागना सपनों की दुनिया में जागना। वो नन्ही परियों की कहानी। अपनी…

भाई-बहन -संजय कुमार

प्यारी बहना सदा खुश रहना ये दुआ है मेरी, खुशियाँ हर पल चूमे कदम तेरी ये दुआ है मेरी। बहना तेरे रूप की आभा फीकी कभी न,हो कभी कम, आत्मविश्वास…

आओ मन का अंधकार मिटाए – संजय कुमार

आओ मन का अंधकार मिटाए, प्रेम भाव का एक दीप जलाएं। कद्र करें सबकी भावनाओं का, वैर और आपसी रंजिश मिटाए। आओ मन का अंधकार मिटाए, प्रेम भाव का एक…