प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक,[...]
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वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरववन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव
वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे[...]
बिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरवबिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरव
राजगृह की पावन वादियाँ, ऋषियों की तपभूमि, गृद्धकूट की चोटी बोले, बुद्ध की अमिट प्रतीति। सप्तधाराएँ बहती जातीं, गूंजे जहां[...]
हिंदी है भारत की वाणी – सुरेश कुमार गौरवहिंदी है भारत की वाणी – सुरेश कुमार गौरव
हिंदी है भारत की वाणी, इससे है पहचान पुरानी। गूँजे इसके मीठे बोल, सजे इसमें भाव सुहानी॥ हिंदी से नाता[...]
ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरवज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक हैं वो दीप प्रखर, जो तम को हरने आते, ज्ञान-ज्योति की लौ बनकर, जीवन राह दिखलाते। संस्कारों की निधि[...]
लोकतंत्र का यह महापर्व- सुरेश कुमार गौरवलोकतंत्र का यह महापर्व- सुरेश कुमार गौरव
लोकतंत्र की यह पहचान है, जनता से चुनी जाती सरकार जनता तब-तब चुनती है, जब जब पड़ती इसकी दरकार पंचवर्ष[...]
राम का अर्थ मानो रामराज्य- सुरेश कुमार गौरवराम का अर्थ मानो रामराज्य- सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी मास चैत्र नवमी को, प्रभु श्रीराम ने लिया अवतार पूरी अयोध्या नगरी में, तब छाई खुशियां उल्लास अपार। शुभ[...]
जरुरी विधान है संविधान- सुरेश कुमार गौरवजरुरी विधान है संविधान- सुरेश कुमार गौरव
लोकतंत्र का आधार है “भारत का संविधान” इससे ही चलता है देश के सभी नियम-कानून। संविधान निर्माता की दूर दृष्टि[...]
उचित व्यवस्था है संविधान- सुरेश कुमार गौरवउचित व्यवस्था है संविधान- सुरेश कुमार गौरव
देश का संविधान भारत के लोगों का है जरुरी विधान, इससे ही होता है हम भारतीयों के सभी जरुरी निदान।[...]
पुस्तक – सुरेश कुमार गौरवपुस्तक – सुरेश कुमार गौरव
पुस्तक सच में ज्ञान का भंडार होती है सतत् शिक्षा ज्ञान रुपी बहती गंगा होती है! बचपन में पहली पुस्तक[...]
