Tag: सुरेश कुमार गौरव

suresh kumar gaurav

हवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरवहवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:56 pm

खिल उठते चहुंओर फूल, सुंदर महक पलाश के प्रकृति ने फगुई फाल्गुन को,खूब लाया तलाश के। प्रेम यौवन का मधुमास,[...]

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भारत गान – सुरेश कुमार गौरवभारत गान – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:16 pm

सबसे प्यारा और न्यारा अपना जग में हिंदुस्तान! “सत्यमेव जयते” से है, इसकी जग में पहचान!! “सर्वधर्म समभाव” का है,[...]

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भारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरवभारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:14 pm

भारतीय संस्कृति का सदा बजता रहा है, विश्व में डंका, भारतीय जनमानस में क्या रहनी चाहिए कोई भी शंका? जहां[...]

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बाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरवबाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:52 pm

शिक्षा के मंदिर में जाऊं तो जाऊं कैसे! जैसे सब बच्चे हाजरी लगाते हैं जैसे!! है मजबूरियां मेरी और जिम्मेदारियां[...]

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अग्निवीर- सुरेश कुमार गौरवअग्निवीर- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:25 pm

ये जीवन अग्निपथ ! इस जीवन का है सुगम-पथ अहिंसा-पथ जीवन का है, सबसे अच्छा सु-पथ। हिंसा सभ्य समाज की[...]

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“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:24 pm

हुई धरा पर जब से मैं अवतरित,श्रद्धा का पूरा आवरण हूं, नाम धराया “मानवी” व “अंशिका”,इसी का मैं अन्त:करण हूं,[...]

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पिता एक संपूर्ण विकास प्रदाता- सुरेश कुमार गौरवपिता एक संपूर्ण विकास प्रदाता- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 5:47 pm

पिता एक अस्तित्व हैं जिसके रहने से स्थायित्व का बोध होता है घने वृक्ष की छाया में शांति का अनुभव[...]

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मृगतृष्णा- सुरेश कुमार गौरवमृगतृष्णा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:49 pm

जल की लहरों की भांति मिथ्या प्रतीति है यह धरा के उपर भी कड़ी धूप सी लगती है यह। गर्मी[...]

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अतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरवअतुल्य टीका- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:45 pm

सदियों पूर्व की गई अपने यहां “टीकाओं” की अनूठी शुरुआत एक से बढ़कर एक हुए विद्वजन किए अद्भुत संस्कृति की[...]

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पुस्तक- सुरेश कुमार गौरवपुस्तक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:51 pm

जीवन मित्र है हर अच्छी पुस्तक जीवन मार्ग में देती है ये दस्तक. भाषा का मर्म भी छिपा है इसमें,[...]

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