Uncategorized छंद दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’ September 15, 2024 Dev Kant MishraDev Kant Mishra 0 Comments 7:22 pm हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें