हैं आज़ाद हम 15 अगस्त को मिली आज़ादी, अंग्रेजों की गुलामी से। स्वतंत्र हुआ यह भारतवर्ष, वीरों की कुर्बानी से। हैं आज़ाद हम….. वीर योद्धाओं का बलिदान, कण-कण में है…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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