ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ मनहरण घनाक्षरी छंद जाड़े में जो कुहासे से बढ़ जाती ठंड जब, अत्यधिक[...]
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प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ बाबा औघड़ दानी धतूरा के फूल गंगा जल पर रीझते हो, तभी तो औघड़[...]
प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]
नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विजयादशमी पर्व का महिमा महान है, नीलकंठ चिड़िया का, शुभ होता है दर्शन। सुबह से शाम तक पक्षी का दीदार[...]
साहस के दोहे-जैनेन्द्र प्रसाद रविसाहस के दोहे-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
साहस के दोहे चोट खाकर ही पत्थर मूर्त्ति बन पूजा जाता है। जो संकट से घबराता, वह कभी नहीं बढ़[...]
तिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवितिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
तिरंगा वीरों की है शान तिरंगा, भारत की पहचान तिरंगा। जल में, थल में, नील गगन में, दुनिया कीआबाद चमन[...]
पानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”पानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
पानी पानी की है बात निराली, इससे दुनियाँ में हरियाली। इसके बल पर दुनियाँ में, सजती है लोगों की[...]
खड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रविखड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
खड़ी है तेरे द्वार बहना धागा रक्षा के बांधे तेरे हाथ बहना, राजा भैया तू हर युग में साथ रहना।[...]
वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
वर्षा रानी उमड़-घुमड़ कर बादल गरजे बूंदें गिरती आसमानी, पृथ्वी पर अपना प्यार लुटाने आती हैं वर्षा रानी। ग्रीष्म[...]
समय-जैनेन्द्र प्रसाद रविसमय-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
समय हवा शुद्ध है फिर भी हम, मास्क आज लगाते हैं। खाली सड़कें रहने पर भी, ड्राइव पर नहीं निकल[...]
