वसंत- आस्था दीपाली

Aastha deepali

(हाइकू)


कोपल मुस्काई-
भीनी आम्र-मंजरी में
नव-प्राण-स्पंदन।


पीत-पुष्प खिले-
नीरव आँगन के भीतर
स्मृति-सरोवर जागा।


सरसों हँसी-
शीत का अंतिम अश्रु
धरा ने पोंछा।


मलयानिल बहा-
गंधित हुई दिशाएँ,
चित्त हुआ आलोकित।


वीणा-निनाद-
शारदा-चरणों में
तम हुआ विसर्जित।

आस्था दीपाली
शिक्षिका
राजकीयकृत कृत उच्च माध्यमिक (+२) विद्यालय कुढ़नी, मुज़फ़्फ़रपुर

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