भारत में शिक्षा घोटाला
शिक्षा के पवित्र गलियारों में
अब सम्मान बिकने लगा है।
पहले शिक्षक के कानों में
मीठे शब्द फुसफुसाए जाते हैं—
“आप अद्भुत हैं,
आप प्रेरणा हैं,
आप ही बदलाव हैं…”
और फिर उसी भावनात्मक क्षण में
एक ईमानदार शिक्षक के हाथों में
चुपचाप थमा दी जाती है—
रिश्वत,
जिसे रजिस्ट्रेशन शुल्क
या सम्मान प्रक्रिया कहा जाता है।
यह कोई पुरस्कार नहीं,
यह सम्मान की नीलामी है।
यह प्रेरणा नहीं,
यह गरिमा की चोरी है।
सच्चा सम्मान वह है—
जो बिना माँगे मिले,
जो बिना कीमत के दिया जाए,
जो आँखों में आँसू ले आए,
ना कि जेब खाली कर दे।
पैसे देकर खरीदे गए सम्मान
सम्मान नहीं होते—
वे बस सुंदर पैकिंग में
लिपटी हुई एक धोखाधड़ी होते हैं।
यदि शिक्षा बेची जा रही है
और सम्मान खरीदे जा रहे हैं,
तो हम ज्ञान का निर्माण नहीं कर रहे,
हम भ्रम की एक पीढ़ी तैयार कर रहे हैं।
अब समय आ गया है
कि शिक्षक बोलें।
क्योंकि अगर शिक्षक चुप रहेंगे,
तो आने वाली पीढ़ियों को
सच और झूठ का अंतर
कौन सिखाएगा?
✊ अब चुप्पी नहीं, सच का साथ
टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से
आप भी अवश्य जुड़ें।
क्योंकि—
“सम्मान बिकेगा नहीं,
शिक्षक झुकेगा नहीं।”
सच के साथ खड़ा है टीचर्स ऑफ बिहार
#NoPaidAwards
#EducationIsNotForSale
#शिक्षककीगरिमा
