आपका ब्राउज़र Text-to-Speech सपोर्ट नहीं करता।
स्व-रचित कविता
माँ शारदे की महिमा
सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ,
माँ शारदे की महिमा गाएँ।
विद्या से जग को महकाएँ,
शुद्ध विचार हृदय में आए।
वीणा वादिनी, माँ शारदे,
सारे जग में प्रकाश भरदे ।
ज्ञान का माँ दीपक जलादे,
अंधकार सब दूर भगादे।
श्वेत वस्त्र धारण करती,
हंस की सवारी तेरी।
कमल आसन में शोभा भारी,
पावन गंगा सी छवि तुम्हारी।
माँ शारदे, करुणा बरसाओ,
हम सबको सदमार्ग दिखाओ।
ज्ञान, संस्कार का फूल खिलाओ,
शब्द-सुरों की सुधा पिलाओ।
माँ शारदे की महिमा गाओ ।।
रचयिता- मुन्नी कुमारी
प्रधान शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर मुशहरी
प्रखण्ड- झंझारपुर, मधुबनी

