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“योग अपनाएं रहें सदा तंदुरुस्त”
✍️सुरेश कुमार गौरव
रोज करें योग, रहें सदा निरोग,
इससे बढ़ाएं सदा अपना मनोयोग।
योग विद्या हमारी है प्राचीन पद्धति,
इसे करने से काया को मिलती सद्गति।
इसे गुरु,ऋर्षि योगाचार्यों ने फैलाया,
देश वासी ने भी इसे खूब अपनाया।
स्वस्थ हित जीवन अपना खूब बनाया,
कई व्याधियों से छुटकारा भी पाया।
योग है जीवन की कठिन तप साधना,
इसका मतलब है तन-मन को बांधना।
भारत की बात संयुक्त राष्ट्र ने मानी,
योग विद्या को गहराई से इसने जानी।
खुद करें औरों को कहें, सदा स्वस्थ रहें,
योग विद्या से जुड़ें, आप सदा मस्त रहें।
पहले योगाचार्यों ने इसे सीखाया,
स्वस्थ रहने का जीवन मंत्र बताया।
नशा व्याधियों से हो जाए मुक्त,
जीवन अपना बना लें उपयुक्त।
योग अपनाएं , रहें सदा तंदुरुस्त,
इसी से जीवन होता चुस्त दुरुस्त।
रोज करें योग, रहें सदा निरोग,
इससे बढ़ाएं सदा अपना मनोयोग।
सुरेश कुमार गौरव,शिक्षक,पटना (बिहार)
सुरेश कुमार गौरव


