Day: September 28, 2022

Devkant

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्यकुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य

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माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]

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