Day: October 1, 2022

Kumkum

खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 5:28 pm

शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा रह डट कर, विपरीत[...]

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Nitu Rani

माता रानी- नीतू रानीमाता रानी- नीतू रानी

0 Comments 5:26 pm

गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज[...]

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Nitu Rani

कत्यायनी माता- नीतू रानीकत्यायनी माता- नीतू रानी

0 Comments 5:24 pm

कत्यायनी माँ एली हे मैया , नौ रुप में अहाँ भगवती। माँ सिंह सवारिनी त्रिशूल धारिणी, महिषासुर केए मारती। कत्यायनी[...]

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