मनहरण घनाक्षरी “”””””””””””””””””””'” “डूबते को तिनके का” +++++++++++++ हजारों तारों के बीच, हमेशा चमकता है, जैसे आसमान बीच- एक ध्रुवतारा[...]
Day: November 16, 2022
अवकाश चाहिए -संजय कुमारअवकाश चाहिए -संजय कुमार
थकान जो उतार दे, मन के अवसाद का मुझे वैसी अवकाश चाहिए। भागम भाग भरे जीवन में यन्त्र बने हम[...]
दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
काया वह किस काम की, अगर न हो उपयोग। श्रम की ज्वाला में तपा, करिए तब उपभोग।। बुरा कर्म होता[...]
बगावत नहीं होती -डॉक्टर मनीष कुमार शशिबगावत नहीं होती -डॉक्टर मनीष कुमार शशि
भगवान की अदालत में वकालत नहीं होती, किसी के चिल्लाने से कयामत नहीं होती। जहाँ रहेंगे सच्चरित्र औ पक्के ईमानवाले,[...]
स्नेह -जयकृष्ण पासवानस्नेह -जयकृष्ण पासवान
हर रंग- रंग के अंग -अंग में, पावन रस भर जाता है। खुशियों की तू इत्र है मानो, रोम-रोम महक[...]
